भारत में आज सबसे बड़ा संविधान और लोकतंत्र
संविधान दिवस पर मालवांचल यूनिवर्सिटी और इंडेक्स समूह संस्थान में व्याख्यान
इंदौर। मालवांचल यूनिवर्सिटी द्वारा संविधान दिवस के उपलक्ष्य़ पर सेमिनार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मालवांचल यूनिवर्सिटी के कुलपति एन के त्रिपाठी ने इंडेक्स समूह संस्थान और माउंट इंडेक्स इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थियों को संविधान दिवस और उसके महत्व के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर मालवांचल यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार एम क्रिस्टोफर,डीन डॅा.जीएस पटेल सहित विभिन्न विभागों के शिक्षक उपस्थित थे। कुलपति एन के त्रिपाठी ने बताया कि संविधान दिवस पर 26 नवंबर को संविधान सभा द्वारा इसे स्वीकार किया गया था। इस वर्ष केंद्र सरकार और यूजीसी द्वारा सभी उच्च शिक्षण संस्थाओं में भारत लोकतंत्र की जननी विषय पर सेमिनार आयोजित करने की मंशा थी। उन्होंने बताया कि प्राचीन वेदों से लेकर 1 हजार वर्ष पुराने इतिहास में हमारे लोकतांत्रिक होने के प्रमाण मिले है। हमारा धर्म ऐसा है जिसने अपनी राय कभी किसी पर थोपी नहीं है। संस्कारों के कारण ही आज देश में प्रजातंत्र की भावना का विकास हो सका है। यह भावना केवल अंग्रेजों के कारण आई है ऐसा नहीं है। हमारे देश की मूल भावना में प्रजातंत्र और लोकतंत्र हर वक्त रहा है। आज इसी का परिणाम है कि भारत में आज सबसे बड़ा संविधान और लोकतंत्र मौजूद है। उन्होंने बताया कि पिछले साल सितंबर में न्यूयॉर्क में यूएनजीए में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की कि भारत न केवल सबसे बड़ा लोकतंत्र है, बल्कि यह सबसे पुराना लोकतंत्र भी है। भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद ने इस विषय पर 30 इतिहासकारों द्वारा लिखित एक पुस्तक निकाली है।
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